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mohabbat shayari

mohabbat shayari in hindi-मुहब्बत नाम में ही अजब सी एक कसक है।

mohabbat shayari in hindi // mohabbat shayari urdu

Mohabbat naam me he ajab si kasak hai
Sath tere na mujhe aur kisi ki ulfat hai

Kabhi rakh ke sar suna ho meri dhadkano ko
To tum jano hume kitni shiddat hai

Hath me hath thaam ka bas sunte jana
siwa iske mere sanam aur kya mohabbat hai

Zikr na karu hawao ka teri julfon ki tauheen hogi
tere hone se he to mausam me chahat hai

Tujhe nhin khabar tere ishq jataane se nhin
tere muskurane se dil ko besumaar rahat hai

Mujhe ab samajh aaya ishq mohabbat pyaar
kya hai ye to khubsurat si ibadat hai

mohabbat shayari in hindi
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मुहब्बत नाम में ही अजब सी एक कसक है।

मुहब्बत नाम में ही अजब सी एक कसक है।
साथ तेरे न मुझे और किसी कि उल्फत है।

कभी रख के सर सुना हो मेरी धड़कनों को,
तो तुम जानों हमें कितनी शिद्दत है।

ज़िक्र न करूं हवाओं का जुल्फ़ों की तौहीन होगी,
तेरे होने से ही तो मौसम में चाहत है।

तुझे नहीं ख़बर तेरे इश्क़ जताने से नहीं,
तेरे मुस्कुराने से दिल को बेसुमार राहत होगी।

मुझे अब समझ आया इश्क़ मुहब्बत प्यार,
क्या है ये तो खूबसूरत सी इबादत है।

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इंतेजाम सब कर लिए सोने के अब नींद भी आ जाये तो करम होगा।
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क्या सितम है के उन्हें नजरें मिलाना  भी  नही  आता। 

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