Urdu Formats

Gazal Kaise Likhen? ग़ज़ल कैसे लिखें ? how to write gazal ?

0 0
Read Time:10 Minute, 9 Second
gazal
gazal

Gazal Kaise Likhen? ग़ज़ल कैसे लिखें ? how to write gazal ?

ग़ज़ल कैसे लिखें? Gazal Kaise Likhen?

ग़ज़ल कैसे लिखें gazal Gazal Kaise Likhen? ग़ज़ल कैसे लिखें ? how to write gazal ?

Learn ग़ज़ल कैसे लिखें ग़ज़ल उर्दू शायरी कि एक मशहूर form है। जिसके बहुत से rules होते हैं, जैसे काफिया, रदीफ, मतला, मक्ता तखल्लुस और भी बहुत से, माना जाता है कि अगर ग़ज़ल को odd sequence में लिखे तो बेहतर होता है, जैसे; 3 शेर की ग़ज़ल, 5 शेर की ग़ज़ल, 7 शेर की ग़ज़ल, 9 शेर की ग़ज़ल ऐसे ही आगे भी ,और एक बात बता दूं, मक्ता और मतला शेर में नहीं गिने जाएंगे सीखने के लिए। आपने बहुत से गाने सुने होंगे जो असल में ग़ज़ल ही है जैसे; कोई फ़रियाद, दिल्लगी, सोचते-सोचते और तो और रश्के कमर भी, रश्के कमर पे पूरा एक blog है आप जाके उसे पढ़ सकते हैं। खैर अब हम ग़ज़ल लिखना सीखते हैं।

वैसे तो ग़ज़ल कई तरह की होती है मगर हम अभी Basic Gazal की बात करेंगे।
इसे अच्छे से समझने के लिए आगे पढ़े। Read Shushant Singh Rajput’s life’s poetry.

मतला (matla)

ग़ज़ल कैसे लिखें

मतला ग़ज़ल का पहला शेर होता है जिस की दोनो लाइन में काफिया और रदीफ़ होता है। बिना मतले की ग़ज़ल होती तो है मगर उसे असरदार नहीं माना जाता, ऐसी ग़ज़ल को सिर कटी ग़ज़ल कहते है, इसलिए आप मतले वाली ही ग़ज़ल लिखें और अपनी ग़ज़ल को ख़ूबसूरत बनाएं।

मक्ता(maqta) gazal

ग़ज़ल कैसे लिखें gazal

गज़ल का सब से आखिरी का शेर, जिसमें शायर का तखल्लुस (pen name) होता है। ग़ज़ल की पहचान भी उसके आखिरी शेर में शायर का नाम है या नहीं से पता लगा सकते हैं, ऐसा नहीं है कि बिना pen name के ग़ज़ल नहीं  होती, होती है मगर आप अपना pen name ज़रूर लिखें।

gazal


काफिया (kaafiya)
(Gazal Kaise Likhen?)

काफिये का मतलब होता है (rhyming) same sound वाले word’s वह लफ्ज़ जो एक है तरह की आवाज़ पे खत्म होते हैं उन्हें कहते हैं काफिया जैसे:- नज़र,असर,अगर,मगर,खबर। और काफिया हर लाइन में एक जैसी जगह पे ही लिखा जाता है, अभी आप आगे पढ़ेंगे example के साथ।
ग़ज़ल के सिर्फ पहले शेर में दोनों लाइन में काफिया होते है बाकी सभी लाइन्स में पहली लाइन खाली और दूसरी लाइन में काफिया होता है,

रदीफ (radeef)

रदीफ, काफिया के बाद आने वाले लफ्ज़ को रदीफ कहते हैं। जो कि हर लाइन में एक जैसा रहता है। जैसे मैंने ऊपर बताया था, अगर नज़र काफिया है तो नज़र में, खबर में, दोनो में (में) एक जैसा है जो कि रदीफ है और नज़र, खबर काफिया।

तखल्लुस (takhallush)

शायर, लेखक का अपना नाम ग़ज़ल में लिखा जाना takhallush होता है, और तखल्लुस हमेशा आखिरी के शेर में होता है।

ग़ज़ल कैसे लिखें
gazal

Gazal Kaise Likhen?

चलिए अब हम एक मेरी लिखी ग़ज़ल को पढ़ते हैं और हमने जो ऊपर पढ़ा इसे समझने की कोशिश करते हैं। और सीखें कि ग़ज़ल कैसे लिखें ?

gazal

वजूद ही खो बैठे अपना, मेरे अरमान सभी
नज़र आने लगे रास्ते, बेरंग सुनसान सभी।

(Matle का शेर)

टूटा है दिल मेरा टूटे हैं बे-हिसाब हम भी,
क्यूं हैं मेरे ही लिए दुनिया के इम्तेहान सभी।

(1शेर)

है उनका ही घर – वार और कारोबार,
है उनके ही ठिकाने उनके ही जहान सभी।

(2शेर)

क्या बैर है हमसे हर किसी का आखिर,
मेरे ही घर क्यों आए शहर के तूफान सभी।
(3शेर)

देख मेरी दीवानगी की इंतेहा – ए – हद,
हैं ये मंजर ये नज़ारे परेशान सभी।

(4शेर)

काशिद भी कर बैठा हमसे ही अदावत,
गैरों से सुनता हूं उनके ऐलान सभी।

(5शेर)

ना करते हैं फ़रियाद ना सुनाते हैं हाल अब,
दुस्मन से नज़र आने लगे अब इंसान सभी।

(6शेर)

है किसकी नज़र ये गजल – ए – दर्द,
पूछते हैं पढ़ने के बाद तुझसे रेहान सभी।

(Maqte का शेर)

इस ग़ज़ल के काफिया हैं:- अरमान, सुनसान, इम्तेहान, जहान, तूफ़ान, परेशान, ऐलान, इंसान. 


और मेरा तखल्लुस रेहान जो कि काफिया भी है।

ग़ज़ल कैसे लिखें (Gazal Kaise Likhen?) मैं उम्मीद करता हु अब आपको इस सवाल का जवाब मिल गया होगा| इन सबके सिवा एक और सीखने कि ज़रूरत है “बहर” बहर के बिना ग़ज़ल नहीं लिखी जा सकती है बहर का मतलब होता है कि ग़ज़ल किस मीटर में लिखी हुई है क्यूंकि ग़ज़ल गाई जाती है और बहर में लिखने से ये होता है कि कोई लाइन छोटी तो कोई लाइन बड़ी नहीं होती सब एक बराबर होती है और आसानी से गाई जा सकती है मगर बहर को समझना इतना आसान है है इसलिए हम अभी बिना बहर के लिखने और आपको परेशानी ना आए इसलिए मैं आपको एक तरीका भी बता देता हूं कि कैसे लाइन को छोटा बड़ा होने से रोक सकते हैं, आप लिखते वक्त ध्यान रखे कि अगर अपने पहली लाइन में 9 से 11 लफ्ज़ लिखे हैं तो दूसरी लाइन में भी उतने है लिखे।

Ghazal ke important rules
1.maqta
2.matla
3.kafiya
4.radeef
5.bahar
6.Asaar Teen se jayeda sher
8.lines equal
9.takhallush

Gazal Kaise Likhen? ग़ज़ल कैसे लिखें ? how to write gazal ?

To sabse pehle baat karte hain maqta kya hai

Matla ghazal ka pehla sher hota hai jiski dono line mein kafiya aur radeef hota hai.

Maqta ghazal ka akhir ka sher hota hai jiski pehli line mein jayeda tar pen name jise takhallus kehte hain wo hota hai.

Kafiya ka mtlv hota hai (rhyming) same sound wale word’s on same place, kaafiya har sher mein change hota hai same kaafiya jab he use kiya jata hai jab bhot jayeda zarurat hoti ho.

Radeef kaafiya ke baad aane wala lafz jo same rehta hai har line mein.

Bahar aisi cheez hai jiske bina ghazal kabhi bhi nhi likhi jaa sakti hai bahar ka matlv hota hai Bazan aur matraye kis length mein ghazal likhi gayi hai but abhi hum bina bahar ke ghazal likhenge isliye koi bhi apni ghazal ko mukammal ghazal na samjhe okk.

Asaar 1 se jayeda sher ko hum Asaar kehte hain jaise kisi ghazal mein 7 sher hain to hum use 7 Asaar wali ghazal/gazal kahenge.

Ghazal wo hoti hai jimein 3 se jayeda sher ho (yaad rakhna maqta aur matla ko sher mein count nhi krenge agar maqta aur matla count karoge to 5 sher)

Jaisa ki humne kaha bahar mein abhi nhi likhenge to line’s ki length equal rakhni hogi agar bahar mein likhte to automatically line’s equal jo jati but bahar ka concept ek baar mein cover nhi ho jayega jab tak hum ghazal ke baaki rules nhi samajh lete

Takhallus ka mtlv hota hai writer ka pen name jo wo last ke sher yaani matla mein likhta hai.

Baise to ghazal ka ek sher 2 line mein he khatam ho jata hai and 2nd sher 2nd topic 2nd baat pe depend hota hai but gazal-e-musalsal mein puri Ghazal ek he topic ek he content pe likhi jati hai jaise ki nazm hoti hai.

Gair mudarrif gazal

Jis gazal mein sirf kaafiya ho uske baad radeef na ho use gair mudarrif ya ( Bina radeef ki) gazal kehte hain.

Jaise

Likh rakhi hai humne kahani ek mukammal
Jaise lafzo se bana rakha ho koi taj-mahal

Riyashate Nahin Hai meri ki buniyad majbut Ho
Meri virasat mein Hai sirf tere liye ek ye gazal

Kahete hain mere khvab jaa-ba-jaa hu-ba-hu tu
Meri tasveer ki parsaai mere imaan ki nakal

Tu dur main bhi mazbur mulaqat kaise ho akhir
Waqt ke hathon se churaye.n kaise ye pal

Mere khato se he ehsaas Kar meri mauzudgi ka
Aaj nahin to milenge zarur hamdam hum kal

Ham sambhal ke bhi sambhal na sake zara bhi
Bikharte – bikharte bhi gaye tum to sambhal

Hoshla to kar ek dafa Rehan ka hath thamne ka
Main bhi Apne hathon ki lakeron ko doon badal

Gazal Kaise Likhen? ग़ज़ल कैसे लिखें ? how to write gazal ?

Gazal
.
.
.
Gazal-e-musalsal
.
.
.
Gair-mudarrif gazal
.
.
.
Now
.
Gazal with husn-e-matla

Husn-e-matla Ka matlv hai aisi gazal jismein ek nhi 2 matle ho.

Matla ghazal ka pehla sher hota hai jiski dono line mein kafiya aur radeef hota hai.

Jaise
.
Ek dafa mangne se mil gayi zannat phir kyun duaa karen hum
Hn dekh kar magar surat teri sirf khuda khuda khuda karen hum

Bazaar mein bikne wale dil se akhir kaise ishe-e-namaaz adaa kre hum
Tujhe sunaye, arz karen ya reh jaye.n khamosh bta kya kren hum

Ab dekhiye 4 line’s mein same rhyming words (kaafiya) Hain jabki gazal ki sirf 2 line’s mein kaafiya Hota hai
Isliye ek se jayeda matla ho to use husn-e-matla kehte Hain.

अगर कोई concept clear ना हो तो आप नीचे comment box में पूछ सकते हैं। gazal

शुक्रिया!

रस्के कमर जैसे गानें कैसे लिखें?

Also Read Beautiful gazal’s

किसी सूफ़ी कलाम सी तेरी परछाई
ढलती हुई सी रात ने बात ख़राब कर दी।
जब मेरा मुंसिफ ही मेरा क़ातिल हो।
हमने भी बेशुमार पी है ! नज़रों के प्यालों से।
तेरे हुस्न की तस्वीरों का आखिर …
इंतेजाम सब कर लिए सोने के अब नींद भी आ जाये तो करम होगा।
जिसे बनना ही ना हो आख़िर हमसफ़र किसी का।
क्या सितम है के उन्हें नजरें मिलाना  भी  नही  आता। 
खयालों में तो रोज़ ही मिलते हो आके।

Happy
Happy
0 %
Sad
Sad
0 %
Excited
Excited
0 %
Sleepy
Sleepy
0 %
Angry
Angry
0 %
Surprise
Surprise
0 %

Average Rating

5 Star
0%
4 Star
0%
3 Star
0%
2 Star
0%
1 Star
0%

9 thoughts on “Gazal Kaise Likhen? ग़ज़ल कैसे लिखें ? how to write gazal ?

  1. नज़्म कैसे लिखें? Khubsurat nazm kaise likhne? | bahut he asaani se - Now says:

    […] ग़ज़ल कैसे लिखें?शेर कैसे लिखें?रूबाई कैसे लिखें?रश्के कमर जैसे गाने कैसे लिखें? […]

Leave a Reply

Your email address will not be published.